खुदीराम बोस का जीवन परिचय:
(Biography of Khudiram
Bose)
खुदीराम बोस केवल 19 साल की उम्र में हिन्दुस्तान की आज़ादी के
लिये फाँसी पर चढ़ने वाले क्रांतिकारी थे। खुदीराम बोस राजनीतिक गतिविधियों में
स्कूल के दिनों से ही भाग लेने लगे थे। उन दिनों अंग्रेज़ों से छोटे-छोटे
हिन्दुस्तानी स्कूली बच्चे भी नफ़रत किया करते थे। वे जलसे जलूसों में शामिल होते
थे तथा अंग्रेज़ी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ नारे लगाते थे।
|
नाम |
खुदीराम बोस |
|
जन्म तिथि |
03 दिसम्बर 1889 |
|
जन्म स्थान |
मिदनापुर ज़िला, बंगाल (भारत) |
|
निधन तिथि |
11 अगस्त 1908 |
|
उपलब्धि |
रिवोल्यूशनरी पार्टी के सदस्य |
खुदीराम बोस से जुड़े
महत्वपूर्ण तथ्य: (Important Facts Related to Khudiram Bose)
·
खुदीराम बोस का जन्म 03 दिसम्बर 1889 को
हबीबपुर गाँव, मिदानपुर जिले में हुआ था।
·
खुदीराम के पिता का नाम त्रैलोक्य नाथ बोस तथा माता का नाम
लक्ष्मीप्रिय देवी था।
·
खुदीराम बोस रिवोल्यूशनरी पार्टी के सदस्य बने थे और
वंदेमातरम पंफलेट वितरित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
·
1905 में बंगाल के विभाजन (बंग-भंग) के विरोध में चलाये गये
आन्दोलन में उन्होंने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया था।
·
ऐसा माना जाता है की वह सबसे कम उम्र के क्रन्तिकारी थे, जिन्हें
फांसी दी गई थी।
·
28 फरवरी 1906 को खुदीराम बोस गिरफ्तार कर
लिये गये लेकिन वह कैद से भाग निकले।
·
06 दिसंबर 1907 को खुदीराम ने नारायणगढ़
रेलवे स्टेशन पर बंगाल के गवर्नर की विशेष ट्रेन पर हमला किया परन्तु गवर्नर बच
गया था।
·
11 अगस्त, 1908 को इस वीर क्रांतिकारी को
फाँसी पर चढा़ दिया गया था।
·
जब खुदीराम शहीद हुए थे, तब उनकी
आयु 19 वर्ष थी।
·
फाँसी के बाद खुदीराम इतने लोकप्रिय हो गये कि बंगाल के
जुलाहे एक खास किस्म की धोती बुनने लगे।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें